Saturday, April 14, 2018

जिला समन्वयक द्वारा किए गए सरेण्डर, को पुलिस द्वारा दिखाई जा रही गिरफ्तारी की जाँच को कपिल दुबे की मां ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को दिया ज्ञापन


ललितपुर। शिक्षक आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपित व्यक्ति द्वारा सरेण्डर किये जाने को पुलिस द्वारा अन्यत्र स्थान से गिरफ्तारी दिखाकर उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया गया है। इस सम्बन्ध में सरेण्डर करने वाले मिड-डे मील के जिला समन्वयक कपिल दुबे जिन्हें जिलाधिकारी ने बर्खाश्त कर दिया था की मां ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह को सौंपते हुये बीएसए कार्यालय में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है।  ज्ञापन में मुख्यमंत्री को कस्बा बांसी निवासी पुष्पा देवी पत्नी स्व.हरीशंकर दुबे ने बताया कि उसके पुत्र कपिल दुबे द्वारा कानून की मदद करने के लिए अध्यापक आत्महत्या मामले नामजद होने के कारण 11 अप्रैल 2018 को रात्रि 12 बजकर 10 मिनिट पर सी.ओ. कार्यालय तालबेहट में सरेंडर किया था। बताया कि उसके पुत्र के द्वारा सरेंडर किए जाने के उनके पास पर्याप्त साक्ष्य व गवाह है। इसके बाबजूद पुलिस द्वारा प्रार्थनी के पुत्र को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार दिखाकर पुत्र के साथ अन्याय करते हुये कानून से खिलवाड़ किया है। उन्होंने इस कृत्य को अंजाम देने वाले पुलिस अधिकारी के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराते हुये कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी। इतना ही नहीं 9 अप्रैल 2018 को रात्रि 11 बजकर 40 मिनिट पर जब वह अपनी पुत्र बधु के साथ घर पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान तालबेहट पुलिस ने भारी बल के साथ घर आए और बगैर सर्च बारंट दिखाए बगैर घर पर किसी पुरुष के न होने के बाबजूद महिलाओं से अभद्रता करते हुए घर के अन्दर घुसकर तांडव करते हुए जमकर अत्याचार किया गया। रात्रि में उपद्रव करने वाले और महिलाओं पर अत्याचार करने वाले पुलिस कर्मियों पर एफआइदर्ज कराये जाने की मांग उठायी गयी। पुष्पादेवी दुबे ने बताया कि अध्यापक आत्महत्या मामले में पुलिस द्वारा व्यापक भ्रष्टाचार एवं उत्पीडऩ किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा शिक्षामित्र नरेन्द्र सिंह का नाम एफआइआर में दर्ज न होने के बाबजूद  सुसाइड नोट के आधार पर  गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि उक्त सुसाइड नोट में पूर्व बीएसए संतोष कुमार राय एवं पूर्व खण्ड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। लेकिन इन लोगों को पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार करके बचाय जा रहे। बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर उसके पुत्र कपिल दुबे व शिक्षामित्र पर कार्यवाही की गयी है तो अन्य उन लोगों पर जिनके नाम सुसाइड नोट में हैं को क्यों बचाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस की इस भ्रष्टाचार पूर्ण एवं उत्पीडऩात्मक कार्यवाही के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की गुहार की जाती है। यदि प्रार्थिनी को न्याय नहीं मिला तो सात दिन बाद जिला मुख्यालय स्थित घंटाघर के सामने सपरिवार आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
रिपोर्ट अमित अग्रवाल

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